इसराइल और ईरान के बीच युद्ध
इसराइल और ईरान के बीच युद्ध क्यों हो रहा है?
ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध का मुख्य कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभुत्व की होड़ है, जो 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से शत्रुता में बदल गया; अक्टूबर 2023 में हमास-इज़राइल युद्ध के बाद तनाव बढ़ा, जिससे ईरान समर्थित समूहों और इज़राइल के बीच "छाया युद्ध" तेज़ हो गया, और फरवरी-मार्र्च 2026 में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर बड़े हमलों के बाद सीधा टकराव शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद जवाबी हमले हुए, जिससे मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ गया।
संघर्ष के प्रमुख कारण:
ईरान का परमाणु कार्यक्रम: इज़राइल ईरान के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है और उसे रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करता है, जिससे तनाव बढ़ता है।
क्षेत्रीय प्रभाव और प्रॉक्सी युद्ध: ईरान, इज़राइल को खत्म करने के अपने घोषित लक्ष्य के साथ, लेबनान (हिज़बुल्लाह), सीरिया और यमन में अपने प्रॉक्सी समूहों (जैसे हमास) का समर्थन करता है, जिससे इज़राइल के खिलाफ एक "आग का घेरा" बनता है।
2023 गाजा युद्ध: हमास-इज़राइल युद्ध ने तनाव को और बढ़ा दिया, ईरान समर्थित समूहों ने इज़राइल पर हमले तेज कर दिए, जिससे संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय टकराव में बदल गया।
2026 के हमले और जवाबी कार्रवाई: फरवरी 2026 में, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी सर्वोच्च नेता की हत्या हुई, जिसके बाद ईरान ने इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे 2026 का युद्ध शुरू हुआ।
ऐतिहासिक शत्रुता: 1979 की क्रांति के बाद से इज़राइल और ईरान कट्टर दुश्मन रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच दशकों से "छाया युद्ध" और साइबर हमले चल रहे हैं, जैसे सीरिया और खाड़ी में।
संक्षेप में, यह संघर्ष इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं, ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव के विस्तार और गाजा युद्ध के बाद बढ़े क्षेत्रीय तनावों का परिणाम है, जो 2026 में एक पूर्ण युद्ध में बदल गया।
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